प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्र संघ महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बेहोश
प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्र संघ महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बेहोश
समायोजन रद किए जाने के विरोध में प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्र संघ देवरिया की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। जिलाध्यक्ष के बेहोश होते ही अफरा तफरी मच गई। उनका इलाज देवारिया जिला अस्पताल में चल रहा है।
शिक्षा मित्रों का समायोजन निरस्त होने की सूचना के बाद से ही शिक्षा मित्र सड़क पर उतर गए हैं। देवरिया में तीन दिन से लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है। रविवार को सुबाष चौक पर शिक्षा मित्र संघ के सभी संगठन एक होकर प्रदर्शन किए। शिक्षा मित्रों ने प्रदेश सरकार से समायोजन लागू करने की मांग की।
इस दौरान शिक्षा मित्र संघ के महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भाटपाररानी के पड़री उमन प्राथमिक विद्यालय में तैनात रेनू तिवारी अचानक बेहोश हो गई। उनके बेहोश होते ही अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में शिक्षा मित्र उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। रेनू तिवारी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। शिक्षा मित्रों ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार फिर से समायोजन को लागू नहीं करती है तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
पांचवें दिन भी शिक्षा मित्रों का आंदोलन जारी, प्रदर्शन कर सांसद को सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी है। घेरा डालो-डेरा डालो अभियान के अंतर्गत शिक्षा मित्रों ने रविवार को सांसद कमलेश पासवान के आवास पर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। सांसद को अपना मांग पत्र भी सौंपा। सांसद ने आश्वस्त किया कि इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संवेदनशील हैं। सरकार उनकी चिंताओं पर सहानुभूतिपूर्वक समाधान तलाश करेगी।
प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर संघ एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारी भी इस दौरान शामिल हुए। घेरा डालो-डेरा डालो अभियान के अंतर्गत यह आंदोलन सांसद आवास पर 9 बजे से 12 बजे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। आंदोलित शिक्षा मित्र नेताओं में रामदयाल यादव, बेचन सिंह, मनोज यादव, सुशील कुमार सिंह, अजय सिंह, गदाधर दूबे, लालधर निषाद, साहब यादव, अफजाल समानी, अविनाश कुमार, अंजनी पासवान, रामनिवास आदि शामिल हुए।
आंदोलित शिक्षा मित्रों ने सांसद शरद त्रिपाठी को भी सौंपा ज्ञापन
गोरखपुर में रीड साहब धर्मशाला के पास जजेज कम्पाउंड में स्थित संतकबीर नगर से सांसद शरद त्रिपाठी के आवास पर पहुंच कर शिक्षा मित्रों ने ज्ञापन सौंपा। हालांकि इस दौरान उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने उनके आवास के बाहर सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए अपना मांग पत्र सौंपा। सहयोग की अपील भी की।
असमंजस में शिक्षामित्र, जानें सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 अहम बातें
अध्यादेश लाए जाने की मांग पर अड़े शिक्षा मित्र
रविवार को बासगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान के बीआरडी मेडिकल कालेज के सामने स्थित आवास पर पहुंच कर शिक्षा मित्रों ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग किया कि शिक्षा मित्रों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार पुर्नविचार याचिका दाखिल करे। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार शिक्षा मित्रों को राहत देने के लिए तत्काल नया अध्यादेश लाकर शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त करे। इस बीच जो वेतन मिल रहा था उसे शिक्षा मित्रों को प्रदान किया जाए। सरकार ऐसा कदम उठा कर शिक्षा मित्रों के खोए मान सम्मान को बहाल कर सकती है।
25 जुलाई से ही जारी है शिक्षा मित्रों का आंदोलन
दरअसल 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया। अदालत ने शिक्षा मित्रों को शिक्षक भर्ती की औपचारिक परीक्षा में बैठने का आदेश दिया है। शिक्षा मित्रों को यह परीक्षा पास करने के लिए दो मौके दिए जाएंगे। अदालत के इस निर्णय के बाद से ही लगातार शिक्षा मित्र सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर दबाव बनाने के लिए शिक्षा मित्र योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी समेत सभी जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं।
शिक्षा मित्रों के समर्थन में आए अमित शाह
तीन दिवसीय दौरे पर लखनऊ आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से अलग नहीं जा सकती। लेकिन संगठन और सरकार की सहानुभूति शिक्षामित्रों के साथ है। इनकी समस्या पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जा रहा है। इसके पूर्व सीएम योगी ने भी शिक्षामित्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने ने भी आश्वस्त किया है कि सरकार इस समस्या का कोई समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
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