असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर फिर संकट
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर फिर संकट
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
इलाहाबाद। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को लेकर एक बार फिर गतिरोध कायम हो गया है। आयोग में कुछ महीने के अंतराल पर ही कोरम का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में विज्ञापन संख्या 47 के अंतर्गत 1155 पदों के लिए आवेदन तो मांगे जा चुके हैं लेकिन लिखित परीक्षा के लिए नए सदस्यों की नियुक्ति तक इंतजार करना होगा।
आयोग में हाईकोर्ट के आदेश पर अध्यक्ष तथा तीन सदस्यों की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। सिर्फ एक सदस्य डॉ.रामेंदु बाबू चतुर्वेदी ही बचे थे। काफी दबाव के बाद प्रभात मित्तल की अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की गई। इसके बाद दो अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति की गई लेकिन उनमें से डॉ.अजब सिंह यादव ने ज्वाइन किया। कुछ महीने भी नहीं बीते कि अब डॉ.अजब सिंह की नियुक्ति खतरे में पड़ गई है। नियमों की अनदेखी की वजह से पूर्व में हुई प्राचार्यों की नियुक्ति रद्द कर दी गई है।
उसमें डॉ.अजब सिंह यादव का भी नाम भी शामिल है। इस तरह से आयोग में अब सिर्फ अध्यक्ष और एक सदस्य हैं। जबकि, कोरम पूरा होने के लिए अध्यक्ष के अलावा दो सदस्य होने चाहिए। इसके विपरीत आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 47 की लिखित परीक्षा अक्तूबर में कराने की तैयारी है, लेकिन इसका फैसला आयोग की बैठक में लिया जाएगा। ऐसे में नए सदस्यों की नियुक्ति तक परीक्षा की तिथि घोषित नहीं हो पाएगी। इतना ही नहीं विज्ञापन संख्या 46 के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के1652 पदों का अंतिम परिणाम भी घोषित नहीं हो पाएगा। हालांकि विरोध के बावजूद दो बोर्ड बनाकर इंटरव्यू शुरू कर दिया गया है। चेयरमैन प्रभात मित्तल का कहना है कि विज्ञापन संख्या 47 के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। अन्य तैयारी भी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है नए सदस्यों की नियुक्ति जल्द होगी। इसके बाद परीक्षा की तिथि घोषित कर दी जाएगी।
प्राचार्य भर्ती भी फंसी
प्रदेश के सहायता प्राप्त कालेजों में प्राचार्य के तकरीबन 100 पदों पर नियुक्ति होनी है। 50 से अधिक पदों का अधियाचन भी उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को मिल गया है। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राचार्य भर्ती के लिए भी नोटिफिकेशन की घोषणा की गई थी लेकिन कोरम के अभाव में अब प्राचार्यों की नियुक्ति भी लंबित हो जाएगी।
Reviewed by Ragini Srivastav
on
17:31:00
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