अपील न आदेश उत्तर प्रदेश में रोके नहीं रुक रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन
अपील न आदेश उत्तर प्रदेश में रोके नहीं रुक रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन
लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार के मंत्रियों की अपील बेअसर हो गई है। समायोजन रद होने से खफा शिक्षामित्रों का लगातार चौथे दिन कार्य
बहिष्कार व आंदोलन जारी रहा। सूबे के हजारों स्कूलों में ताले लटकते रहे, पठन-पाठन ठप करके शिक्षामित्र लगातार आंदोलन को धार दे रहे हैं। बीआरसी केंद्रों से लेकर मंत्री व सांसद, विधायकों के आवासों का घेराव, बीएसए कार्यालय में तालाबंदी, सड़क जाम और धरना-प्रदर्शन चल रहा है। संगठन के नेताओं ने आगे भी आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। साथ ही मुख्यमंत्री से पूछा है कि वह अब किस रूप में विद्यालय जाएं। खास बात यह कि शिक्षामित्रों के प्रदर्शन पर सख्ती के चलते बड़े शहरों में आंदोलन दम तोड़ता दिखा लेकिन छोटे जिलों और ग्रामीण इलाकों में आंदोलन अधिक प्रभावी रहा।
लखनऊ क्षेत्र में हजारों विद्यालयबंद रहे। पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल कराने की मांग की। गोंडा के छपिया के प्राथमिक विद्यालय चटकनवा में हंगामा हुआ। तरबगंज के पुरैनी स्कूल बंद कराने का अध्यापकों ने विरोध किया तो उनसे अभद्रता की गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने शिक्षामित्रों को दौड़ा लिया। रायबरेली में विकास भवन, सुलतानपुर के तिकोनिया पार्क, हरदोई के गांधी भवन में प्रदर्शन हुआ। बहराइच में बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी रही। बाराबंकी में सांसद प्रियंका रावत का आवास घेरा। लखीमपुर में 595 स्कूल बंद रहे। बलरामपुर कलेक्ट्रेट में एक शिक्षामित्र बेहोश हो गया।
गोरखपुर में शहर शनिवार को शांत रहा, उरुवा ब्लाक मुख्यालय, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर के बीएसए कार्यालय पर धरना चला। बस्ती में भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी और विधायक दयाराम चौधरी का घेराव हुआ, संतकबीर नगर, महराजगंज में प्रदर्शन किया तो देवरिया के रुद्रपुर में सड़क जाम कर विरोध जताया। इलाहाबाद में ब्लाक संसाधन केंद्रों व नगर शिक्षाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन हुआ, वहीं प्रतापगढ़, कौशांबी में प्रदर्शन जारी रहा। वाराणसी में धरने के कारण बीएसए दफ्तर का कामकाज ठप रहा। कानपुर में लखनऊ-कानपुर हाईवे जाम किया। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान दो शिक्षामित्र सुधा तिवारी व अर्चना शुक्ला बेहोश हुईं, वहीं कई अन्य की तबियत बिगड़ी। वहीं उन्नाव, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, कन्नौज, जालौन, फतेहपुर, इटावा व फर्रुखाबाद में प्रदर्शन जारी रहा।
अपर मुख्य सचिव का जिलाधिकारियों को पत्र
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने घटनाओं की वीडियोग्राफी के लिए भी कहा था। पत्र के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अंश भी भेजे और कहा कि कार्य बहिष्कार, तालाबंदी और तोडफ़ोड़ किसी भी ढंग से उचित नहीं है। जिलाधिकारी अपने स्तर से शिक्षामित्रों के प्रतिनिधियों से वार्ता करके उन्हें स्कूलों में जाने के लिए प्रेरित करें। सभी घटनाओं की वीडियोग्राफी कराई जाए और ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाए जो पठन-पाठन में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं।
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