नये नियम के विरोध में सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय घेरा
नये नियम के विरोध में सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय घेरा
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) में अधिकतम तीन अवसर दिए जाने के सीबीएसई के नये नियम का विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकजुट होकर उन्होंने अपना विरोध दर्शाया। बुधवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को हटाने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी थी। इनमें से अधिकतर वे छात्र हैं जो तीन बार परीक्षा दे चुके हैं और सीबीएसई की नई गाइड लाइन के अनुसार अब वे इस साल की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। इससे लाखों रुपये खर्च कर तैयारी कर रहे इलाहाबाद के सैकड़ों प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि सीबीएसई को यह नियम लागू करना ही था तो आगे के वर्षों से तीन साल जोड़ते।पहले जो लोग तीन बार परीक्षा दे चुके उन्हें भी बाहर करना नियम विरुद्ध है। जो छात्र चार-पांच साल से तैयारी कर रहे हैं वे आखिरकार कहां जाए। ये छात्र अपनी बात सीबीएसई अफसरों के सामने रखना चाहते थे। इसके लिए कुछ छात्रों ने सीबीएसई कार्यालय में घुसने का प्रयास किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया। विभिन्न कोचिंग में तैयारी कर रहे सैकड़ों प्रतियोगियों ने बुधवार शाम बालसन चौराहे से मेडिकल कॉलेज चौराहे तक कैंडल मार्च भी किया था। छात्रों का कहना है कि यदि सीबीएसई अपने मनमाने नियम को वापस नहीं लेता तो वे न्यायालय का सहारा लेंगे।क्यों उठा विवाद24 जनवरी को दिल्ली में यूजीसी, सीबीएसई, एमसीआई और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की संयुक्त बैठक में नीट के लिए अधिकतम आयुसीमा 25 वर्ष करने और छात्र-छात्राओं को सिर्फ तीन अवसर दिए जाने का निर्णय लिया गया था। 31 जनवरी को जारी नोटिफिकेशन में सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि जो बच्चे पहले तीन बार नीट या एआईपीएमटी दे चुके हैं वे अब मेडिकल परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकते। इसके बाद से एमबीबीएस समेत मेडिकल के अन्य कोर्स की तैयारी कर रहे छात्रों में आक्रोश है।
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